हमें मानव जन्म ही क्यों मिला

 प्रश्न -हमें मानव जन्म ही क्यों मिला ? उत्तर - ईश्वर ने आत्मा को सर्वोत्तम उपहार स्वरूप में मानव शरीर 100 से 400 वर्षो तक धनैश्वर्ययुक्त , बलशाली, पराक्रमी होकर सुख प्राप्त करने के लिए एवं इस भौतिक शरीर के बाद भी आत्मा को 36000x864 करोड़ वर्षो तक सुख ही सुख (परम आन्नद ) मिलता रहे। दुःख बिलकुल नहीं मिले । इतने समय तक सुख प्राप्त करने के लिए ही ये मानव शरीर मिला है। सुख उसी को कहा गया है, जैसा हम चाहे, वो सब हमें प्राप्त हो जाये ,परन्तु सुख के लिए अनिवार्य शर्त यह है कि जो भी पदार्थ हम उपयोग कर रहे है उसको ज्यों का त्यों अर्थात उसका पूर्ण विज्ञान हमको मालूम होना चाहिए। पूर्ण विज्ञान का ज्ञान तभी मिलेगा जब हम अपने जीवन में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, शौच, संतोष, तप, स्वध्याय ( वेद का पठन- पठान ) , ईश्वर प्राणिधान, आसान, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधी का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे।

नोट - पूर्ण विज्ञान अर्थात वैदिक विज्ञान में वर्तमान समय की विज्ञान की समस्त शाखा भौतिक, रसायन, जीव, वनस्पति, भूगोल, राजनीति, गणित ,कृषि, चिकित्सा, धातु निर्माण की सभी शाखा आदि इसमें शामिल है , अंतर केवल यह है कि आधुनिक विज्ञान की समस्त शाखाओ में अधूरा विज्ञान है जबकि वैदिक विज्ञान में इन सभी शाखाओं का पूर्ण विज्ञान होता है।
वर्तमान आधुनिक विज्ञान अधूरा विज्ञान है इसलिए इसके सभी उत्पाद ( यूरिया ,एलोपेथी दवाई आदि ) से लाभ के साथ विनाश भी हो रहा है। आधुनिक विज्ञान के आचरण से पूर्ण सुख की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यदि हम दुखी है तो केवल अपने अज्ञान के कारण ही है |parichay samelan, marriage buero for all hindu cast, love marigge , intercast marriage , arranged marriagerajistertion call-9977987777, 9977957777, 9977967777aryasamaj marriage rules,leagal marriage services in aryasamaj mandir indore ,advantages arranging marriage with aryasamaj procedure ,aryasamaj mandir marriage rituals 

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