भोजन क्या है और सात्विक भोजन के लाभ

भोजन क्या है और सात्विक भोजन के लाभ 


*सात्विक भोजन :----*


        मुझे गर्व है अपनी भारतीय संस्कृति (Indian culture) पर, अपनी भारतीय शैली पर और अपनी भारतीय पद्धति पर । आज के इस मशीनी और आधुनिक युग (Modern life) में जहाँ सब कुछ digital हो चुका है , वहां यदि हम भारतीय शैली (indian culture) को अपनाए तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ, की हमारी आयु और हमारी सेहत दोनों ही बहुत बेहतरीन हो जायेंगे।


        हमारे प्राचीन ऋषि मुनियो ने भोजन में सात्विक भोजन को बहुत महत्वता दी है । वे स्वयं भी सात्विक भोजन ही ग्रहण करते थे और वे सब ऊर्जायुक्त, बलवान, शांत, अध्यात्मिक और तीव्र बुद्धि वाले थे । उनके मस्तक पर सदा एक अलौकिक तेज रहता था । क्या आप जानते है ? इस का क्या कारण था – इसका मुख्य कारण था – उनका भोजन – उनका आहार । वे सब शुद्ध और सात्विक भोजन ही ग्रहण करते थे।
       तो सर्वप्रथम हम यह जानेगे की सात्विक भोजन क्या है ?


*सात्विक भोजन :------*


        वह भोजन जो पूर्ण रूप से शाकाहारी  हो, अथार्त जो बिना प्याज -लहसुन के बनाया गया हो, जिसमे सत्व गुण की प्रधानता हो, जो सादा, शुद्ध और हल्का हो, पचने में आसान हो, जो हमारे शरीर की ग्रंथियों से उत्पन्न रस से बिना किसी अधिक तकलीफ के पच  जाये , जो भोजन ताजा (fresh) पका हुआ, रसीला , पोषक तत्वों से भरपूर तथा स्वादिष्ट हो, वही भोजन सात्विक भोजन कहलाता है ।


उदाहरण : दूध, दलिया, आटा, जौ, दाल, फल, हरी सब्जियां, फलो का रस, छाछ आदि


सात्विक भोजन के लाभ


. पौष्टिक :----*


       सात्विक भोजन शुद्ध, स्वच्छ और पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है, यह भोजन कम मसाले और तेल (oil) में बनाया जाता है इसलिए यह हमारी सेहत को improve करता है। हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर  के मरीज के लिए सात्विक भोजन एक अच्छा विकल्प है।


2. पचने में आसान
       
      जहाँ तामसिक भोजन पाचन तंत्र  पर जोर डालकर शरीर के बल को कम करता है, वहीँ सात्विक भोजन  सरलता से पच  जाता है । कहते है की हमारे शरीर के आधे से ज्यादा रोग पेट और पाचन तंत्र के बिगड़ने के कारण होते है । तामसिक भोजन का ज्यादा सेवन पाचनतंत्र पर विपरीत प्रभाव डालता है, वहीँ सात्विक भोजन आसानी से पच कर पेट और पाचन प्रणाली को आराम देता है, जिससे स्वास्थ्य की वृद्धि होती है ।


*3. मानसिक शांति :----


        आयुर्वेद के अनुसार सात्विक भोजन  मन और बुद्धि को शांत करता है ।जिस प्रकार एक सी प्रवृति वाली वस्तुएँ परस्पर प्रतिबिम्बित होती है, उसी प्रकार सात्विक भोजन भी शांतिपूर्ण होता है । सात्विक भोजन,  आयुर्वेद के प्राचीन नियमो पर आधारित है, जो सामान्य और पांरपरिक विधियों से तैयार किया जाता है । जिसके सेवन से क्रोध, आलस्य दूर भागता है तथा मन- मस्तिष्क पूर्ण रूप से शांत होता है ।


*4. सौंदर्य  वृद्धि :----


         सात्विक भोजन सुंदर और आकर्षक तन प्रदान करता है । सात्विक आहार जैसे फल, हरी सब्जियाँ  दूध के सेवन से  चमड़ी में एक अलग ही चमक आता है और बाल भी चमकदार हो जाते है। 


*5. निर्मल बुद्धि :-----


        शुद्ध सात्विक भोजन से अंत:करण की शुद्धि होती है, जिस कारण बुद्धि निर्मल होती है और बुद्धि निर्मल हो जाने से आपका व्यवहार, आपका चरित्र सब कुछ पवित्र और निर्मल हो जाता है, अथार्त जैसा भोजन वैसा ही मन ।


Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।