आज का वेदमंत्र

आज का वेदमंत्र, अनुवाद महात्मा ज्ञानेन्द्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा,ऑडियो रिकॉर्डिंग सुकांत आर्य द्वारा🙏🌺


सुनीतिभिर्नयसि त्रायसे जनं यस्तुभ्यं दाशान्न तमंहो अश्नवत्।
ब्रह्मद्विषस्तपनो मन्युमीरसि बृहस्पते महि तत्ते महित्वनम्॥ ऋग्वेद २-२३-४॥🙏🌺


हे परमेश्वर ! जो तुम्हें समर्पित हो जाता है, उसको तुम उचित पथ दिखाते हो। जो पापहीन होकर शुभ गुण, कर्म और स्वभाव से चलता है। उसकी आप सुरक्षा और उन्नति करते हो। जो पापी है और दिव्य ज्ञान का विरोधी है, उसका आप विनाश करते हो। आपकी इस महिमा की हम प्रशंसा करते हैं।🙏🌺


O God !  You show  proper path to those who are dedicated to you. Who walks on such path free from sins, with auspicious qualities,  noble deeds and  noble tendencies.  You protect and prosper them.  You destroy those who are wicked and haters of the divine knowledge. We praise such greatness of yours.


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