कामचोर_दस्यु

 


 



 


 


वेद का विचार है ,आज का विचार । वेद कहता है -- जो व्यक्ति आलसी है ,निकम्मा है ,कामचोर है, वह दस्यु है - वह राक्षस है । वह निम्न कोटि का प्राणी है। वह मनुष्य नहीं है, इसलिए आओ हम कर्म करें ,कर्म करने से ही व्यक्ति देव देवता बनता है । कर्महीन व्यक्ति को कुछ नहीं मिलता है ,कर्म करने से ही व्यक्ति सद्गति को प्राप्त होता है। बिना पुरुषार्थ के ,बिना श्रम के बिना मेहनत के, हमें कुछ भी नहीं - कुछ भी नहीं प्राप्त होता है। इसलिए आओ हम सब मिलकर पुरुषार्थ करें ,सब पुरुषार्थ करें ,अच्छे कार्य करें। हमारा लक्ष्य है धर्म अर्थ काम और मोक्ष इन सब में पुरुषार्थ करना चाहिए । आप सुन रहे हैं वैदिक राष्ट्र यूट्यूब चैनल आपने अभी तक सब्क्राइब नहीं किया सब्क्राइब करें । लाइक करें। शेयर करें कमेंट करें बेल की घंटी को अवश्य जाएं । धन्यवाद । आर्य समाज संचार नगर इंदौर( मध्य प्रदेश) आचार्य भानु प्रताप वेदालंकार इंदौर मध्य प्रदेश गुरु विरजानंद गुरुकुल इंदौर मध्य प्रदेश 9977987777 



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