दो सुंदर पक्षी, सदा साथ रहने वाले, विश्वास और प्रेम*

   


 



 


दो सुंदर पक्षी, सदा साथ रहने वाले, विश्वास और प्रेम
        यदि आप चाहते हैं, दूसरे लोग आपके साथ प्रेम करें, आप का सम्मान करें, आपको सुख देवें; तो यह तभी संभव है, कि जब वे लोग आप पर विश्वास करें। क्योंकि विश्वास के बिना प्रेम होना असंभव है। ये दोनों गुण सदा साथ ही रहते हैं। यदि विश्वास चला गया,  तो निश्चित रूप से प्रेम भी चला जाएगा। इसलिए लोगों का प्रेम पाने के लिए पहले उनका विश्वास जीतें। 
           विश्वास को जीतने का उपाय है, ईमानदारी, बुद्धिमत्ता, सरलता, छल कपट रहित होना, सत्य को तुरंत स्वीकार करना, इत्यादि गुणों के कारण व्यक्ति दूसरों का विश्वास प्राप्त सकता है। और यदि आप दूसरों का विश्वास प्राप्त करने में सफल हो गए, तभी वे लोग आपके साथ प्रेम करेंगे, आपको सम्मान एवं सुख भी देंगे। 
       इसलिए अपने जीवन में ईमानदारी छल कपट रहितता बुद्धिमत्ता सत्यग्राहिता आदि गुणों को धारण करें।
संसार में सब लोग मूर्ख नहीं हैं। एक से एक बढ़कर बुद्धिमान परीक्षक लोग हैं, जो आपकी परीक्षा सदा करते रहते हैं। कोई अधिक बुद्धिमान तथा अधिक अनुभवी होता है। वह शीघ्र ही आपकी परीक्षा कर लेगा। कोई उससे कुछ कम बुद्धि वाला होता है, वह कुछ देर में आपकी परीक्षा कर पाएगा। एक-एक करके सब लोग आप का परीक्षण कर लेंगे, कोई जल्दी और कोई देर से।
जब लोग धीरे धीरे आप का परीक्षण कर  लेंगे, उसके बाद परिणाम आने आरंभ हो जाएंगे । 
यदि आप उनकी परीक्षा में पास हो गए,  अर्थात ऊपर बताए गुण आप में यदि उनको दिखाई देंगे, तो इसका अर्थ है आप उनकी परीक्षा में पास हो गए। तभी आप उनका विश्वास जीत पाएंगे, और तभी वे आपसे प्रेम करेंगे, आप को सम्मान और सुख देंगे।


         यदि आप दूसरों की परीक्षा में असफल हो गए, फेल हो गए, तो वे आप पर विश्वास नहीं करेंगे। जिसका परिणाम यह होगा कि वे आप के साथ प्रेम नहीं करेंगे, आपको सम्मान और सुख नहीं देंगे। उस परिस्थिति को भोगना, आपके लिए बहुत कष्टदायक होगा।
 - स्वामी विवेकानंद परिव्राजक







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