आनंदित जीवन जीने का उपाय*

       


 



 


 


 आनंदित जीवन जीने का उपाय
       लोग अपने जीवन को आनंदमय बनाना चाहते हैं। दुख चिंता तनाव में तो कोई भी फँसना नहीं चाहता। परंतु संसार है ही ऐसा। न चाहते हुए भी दुख चिंता समस्याएं आ ही जाती हैं, भोगनी ही पड़ती हैं। फिर भी रहना और जीना तो इसी संसार में ही है। तो कैसे जिएँ? 
इसका उपाय ढूंढना होगा। वेदों के आधार पर ऋषियों ने बताया है, कि यदि मनुष्य विचारों में स्पष्टता रखे, अर्थात अर्थात मन में छल कपट को छोड़कर सरलता को धारण करे। वाणी से ईमानदारी से सीधी स्पष्ट बात करे। झूठ छल कपट से बचे, और सत्य ही बोले। वाणी में मिठास रखे। सभ्यता एवं नम्रतापूर्वक  शुभ वाणी बोले। और शारीरिक आचरण में दयालुता की भावना रखे। अपने से कमजोर व्यक्ति हो या प्राणी हो, उस पर दया रखे। छोटे व्यक्ति के साथ छोटे जैसा, और बड़े व्यक्ति के साथ बड़े जैसा, न्यायपूर्वक उचित व्यवहार करे। तो वह अपने जीवन को आनंदमय बना सकता है। तो हम और आप सब को ऐसा ही प्रयत्न करना चाहिए।
 - स्वामी विवेकानंद परिव्राजक











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