वैज्ञानिक दार्शनिक संवाद

 


 


 



 


 


 


वैज्ञानिक दार्शनिक संवाद


 


           एक बार दो विद्वानों का बड़ा रोचक संवाद चल रहा था। उनमें से एक, आधुनिक भौतिक विज्ञान का विद्वान (वैज्ञानिक) था। जो किसी कॉलेज में भौतिकविज्ञान विषय फीजिक्स का प्रोफेसर था।  और दूसरा, वेद उपनिषद तथा वैदिक दर्शनों का विद्वान (दार्शनिक) था। वह भी एक गुरुकुल में दर्शन वेद आदि विषयों का प्राध्यापक था।
उनका रोचक संवाद निम्नलिखित है। कृपया ध्यानपूर्वक पढ़ें, तथा इससे लाभ उठाएँ।


दार्शनिक - क्या आप ईश्वर को मानते हैं? वैज्ञानिक - नहीं मानते.
दार्शनिक - क्यों नहीं मानते?
वैज्ञानिक - क्योंकि वह आँखों से दिखता नहीं है।  
दार्शनिक - क्या अल्फा बीटा गामा किरणें एक्स किरणें भूमि की आकर्षण शक्ति तथा इलेक्ट्रॉन आदि पदार्थ आँखों से दिखते हैं?
वैज्ञानिक - नहीं दिखते.
दार्शनिक - तो आप इन्हें क्यों मानते हैं? वैज्ञानिक - क्योंकि ये पदार्थ आंखों से न दिखने पर भी अनुमान प्रमाण से सिद्ध होते हैं। 
दार्शनिक - तो आपकी पहली बात झूठ सिद्ध हो गई। आप कह रहे थे कि, ईश्वर आंखों से नहीं दिखता, इसलिए हम ईश्वर को नहीं मानते। ये अल्फा बीटा गामा आदि किरणें और भूमि की आकर्षण शक्ति इत्यादि भी तो आंखों से नहीं दिखते, परंतु आप उन्हें तो मानते हैं। 
वैज्ञानिक - आपकी बात सही है। मेरी बात गलत सिद्ध हो गई । मैं उसे वापस लेता हूं। और यह स्वीकार करता हूं कि भौतिक विज्ञान केवल प्रत्यक्ष प्रमाण को ही नहीं मानता, इसके अतिरिक्त अनुमान प्रमाण को भी मानता है , क्योंकि ये अल्फा बीटा गामा आदि किरणें प्रत्यक्ष आँखों से नहीं दिखाई देती, बल्कि अनुमान प्रमाण से जानी जाती हैं, इसलिये हम इनको मानते हैं। परंतु ईश्वर तो कहीं अनुमान से भी सिद्ध नहीं हो रहा। फिर हम ईश्वर को अनुमान प्रमाण से कैसे मानें?


दार्शनिक - ठीक है। यदि अनुमान प्रमाण से ईश्वर की भी सिद्धि हो जाए, तब तो आप ईश्वर को मानेंगे या नहीं? 
वैज्ञानिक - हां, तब तो मान सकते हैं। 
दार्शनिक - ठीक है। (प्रत्यक्ष प्रमाण या आँखों से तो अल्फा बीटा गामा किरणें और भूमि की आकर्षण शक्ति इत्यादि नहीं दिखते। इसी तरह से ईश्वर भी आंखों से प्रत्यक्ष नहीं दिखता। तो दोनों ही प्रकार के पदार्थ प्रत्यक्ष  प्रमाण से नहीं दिखते। इसलिए प्रत्यक्ष प्रमाण को हम छोड़ देते हैं।)


अब अनुमान प्रमाण के आधार पर अल्फा बीटा गामा और एक्स किरणें तथा भूमि की आकर्षण शक्ति आदि की सत्ता को आप मानते हैं। तो हम भी अनुमान प्रमाण के आधार पर ईश्वर की सत्ता को सिद्ध करेंगे।


ईश्वर की सत्ता को सिद्ध करने के विषय में, अनुमान प्रमाण इस प्रकार से है। अनुमान प्रमाण नियमों पर आधारित होता है। 


            संसार में एक नियम है, जो वस्तु बुद्धिमत्ता से बनाई जाती है, वह अपने आप नहीं बनती। उसका कोई न कोई बुद्धिमान बनाने वाला अवश्य होता है। 
उदाहरण - जैसे रोटी आभूषण मकान आदि पदार्थ बुद्धिमत्ता से बनाए जाते हैं। ये पदार्थ अपने आप नहीं बनते। इन सब को बनाने वाले बुद्धिमान कारीगर लोग, आपने और हमने प्रत्यक्ष आंखों से देखे भी हैं।
          इसी प्रकार से जो घड़ी, कार, विमान आदि पदार्थ हम देखते हैं, ये पदार्थ भी बुद्धिमत्ता से बनाए जाते हैं। यद्यपि इनके बनाने वाले बुद्धिमान कारीगरों को हमने प्रत्यक्ष आँखों से नहीं देखा, फिर भी अनुमान प्रमाण से यह सिद्ध होता है कि, जैसे बुद्धिमत्ता से बनाए गए , रोटी आभूषण मकान आदि पदार्थों को बनाने वाले कारीगरों की सत्ता है। ऐसे ही बुद्धिमत्ता से बनाए गए, घड़ी कार विमान आदि पदार्थों के बनाने वाले बुद्धिमान कारीगरों की भी सत्ता है। 
           ठीक इसी प्रकार से, जो मनुष्य पशु पक्षियों के शरीर, सूर्य पृथ्वी सौरमंडल आकाशगंगाएँ आदि ब्रह्मांड के पदार्थ हैं, ये सब भी बुद्धिमत्ता से बनाए गए हैं, तो इनका बनाने वाला भी अवश्य ही कोई बुद्धिमान कारीगर है ही। यह बात इस अनुमान प्रमाण से सिद्ध होती है।
 अब आप बताएं, क्या सौरमंडल आदि  पदार्थ बुद्धिमत्ता से बनाए गए हैं या नहीं? 
वैज्ञानिक - जी हाँ। ब्रह्मांड के ये पदार्थ भी बुद्धिमत्ता से बनाए गए हैं।
दार्शनिक -  यदि ये पदार्थ भी बुद्धिमत्ता से बनाए गए हैं, तो इन पदार्थों को बनाने वाला भी कोई बुद्धिमान निश्चित रूप से है ही। उसकी सत्ता इस अनुमान प्रमाण से आप स्वीकार करेंगे या नहीं? 
वैज्ञानिक - हां, अब यह बात अनुमान प्रमाण से समझ में आ गई, कि  सौरमंडल आकाशगंगाएँ आदि ब्रह्मांड के पदार्थ भी बुद्धिमत्ता से बनाए गए हैं। और इनका भी कोई न कोई बनाने वाला अवश्य है। तो आपकी दृष्टि में इनका बनाने वाला कौन है?
 दार्शनिक - हमारी दृष्टि में इनका बनाने वाला ईश्वर है। आप उसे क्या नाम देना चाहते हैं?
वैज्ञानिक - ठीक है। हम भी उसे ईश्वर नाम से स्वीकार कर लेते हैं। इसलिए हम अनुमान प्रमाण से ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करते हैं।


दार्शनिक - आपका बहुत धन्यवाद। 


sarvjatiy parichay samelan, marriage buero for all hindu cast, love marigge , intercast marriage , arranged marriage

rajistertion call-9977987777, 9977957777, 9977967777or rajisterd free aryavivha.com/aryavivha app


Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।