ईश्वर प्रार्थना

 



 


 


 


 


ईश्वर प्रार्थना
तेजोऽसि तेजो मयि धेहि


वीर्य्यमसि वीर्यं मयि धेहि


बलमसि बलं मयि धेहि।


ओजोऽस्योजो मयि धेहि


मन्युरसि मन्युं मयि धेहि


सहोऽसि सहो मयि धेहि॥


(तेजोऽसि॰) अर्थात् हे परमेश्वर! आप प्रकाशरूप हैं, मेरे हृदय में भी कृपा से विज्ञानरूप प्रकाश कीजिए।


 (वीर्यमसि॰) हे जगदीश्वर! आप अनन्त पराक्रम वाले हैं, मुझ को भी पूर्ण पराक्रम दीजिए। 
 
(बलमसि॰) हे अनन्त बलवाले महेश्वर! आप अपने अनुग्रह से मुझ को भी शरीर और आत्मा में पूर्ण बल दीजिए। 


(ओजो॰) हे सर्वशक्तिमन्! आप सब सामर्थ्य के निवासस्थान हैं, अपनी करुणा से यथोचित सामर्थ्य का निवासस्थान मुझ को भी कीजिये।


 (मन्युरसि॰) हे दुष्टों पर क्रोध करनेहारे! आप दुष्ट कामों और दुष्ट जीवों पर क्रोध करने का स्वभाव मुझ में भी रखिये।
 
 (सहोऽसि॰) हे सब के सहन करनेहारे ईश्वर! आप जैसे पृथिवी आदि लोकों के धारण और नास्तिकों के दुष्टव्यवहारों को सहते हैं, वैसे ही सुख, दुःख, हानि, लाभ, सरदी, गरमी, भूख, प्यास और युद्ध आदि का सहने वाला मुझ को भी कीजिये अर्थात् सब शुभ गुण मुझ को देके अशुभ गुणों से सदा अलग रखिये॥


 


 



 sarvjatiy parichay samelan,marriage  buero for all hindu cast,love marigge ,intercast marriage  ,arranged marriage 


 rajistertion call-9977987777,9977957777,9977967777or rajisterd free aryavivha.com/aryavivha app



Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।