विवेकशील

हम विवेकशील लोग हैं। हम विचारशील लोग हैं। हम अंध-परम्पराओं के अनुयायी नहीं हैं। हम हर चीज को विवेक की कसौटी पर कसते हैं, क्योंकि हमारा मंत्र—हमारी उपासना गायत्री मंत्र है—‘‘ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।’’ हम बुद्धि के उपासक हैं, हम विवेक के उपासक हैं, हम विचारों के उपासक हैं, हम तर्क के उपासक हैं। हम किसी के ‘फालोवर’ नहीं हैं—हम केवल सच्चाई के फालोवर हैं। ये सारी के सारी प्रेरणा कहाँ से मिल सकती है? ये सारी प्रेरणाएँ गायत्री मंत्र से मिल सकती हैं। इसलिए हम कमर कसकर खड़े हो गए हैं कि गायत्री मंत्र की पूजा करने के लिए हम हर आदमी का मजबूर करेंगे और गायत्री मंत्र की महत्ता को अंगीकार करने और हृदयंगम करने की सलाह देंगे और परामर्श देंगे।


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