वाणी

                                                      


वाणी से जग जीत लो ,
वाणी है वरदान ,,
मुश्किल हो जाती सभी ,
वाणी से आसान ,,
वाणी तो अनमोल है ,
मीठे रखना बोल ,,
कानों में सबके लगे ,
जैसे मिश्री घोल ,,
वाणी वह ब्रह्मास्त्र है ,
करे सुनिश्चित जीत ,,
अंदर तक मन को छुए ,
भरे दिलों में प्रीत ,,
उनकी वाणी में करती ,
मातु शारदे वास ,,
अपने जीवन में बने,
जो दूजों की आस ,,
दूजों का सम्मान कर ,
रखे वाणी पे ध्यान ,,
कृपा करे माँ शारदे ,
जग में बढ़ता मान ,,
वाणी का इस जीवन में,
बड़ा बहुत है महत्व,,
वाणी से ही जीवन में,
मानव पाता गौरत्व ,,
वाणी यदि मृदुभाष हो ,
बस में होते सब जीव ,,
वाणी से ही जीवन में ,
पड़े जीत की नींव ।।





Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।