वेद मंत्र

स पूर्वया निविदा कव्यतायोरिमाः प्रजा अजनयन्मनूनाम्।
विवस्वता चक्षसा द्यामपश्च देवा अग्निं धारयन्द्रविणोदाम्॥ ऋग्वेद १-९६-२।।


परमेश्वर मनुष्य को उत्पन्न करने वाला है, और उसने ही वेदों का ज्ञान दिया है। हमें समस्त जगत को उत्पन्न करने वाले सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उपासना करनी चाहिए। उसको हम अपने हृदय में बसायें  और उसके दिखाए हुए मार्ग पर चलें। परमेश्वर चेतन स्वरूप है, चेतन ही चेतन को उत्पन्न करता है, जड़ चेतन को कभी उत्पन्न नहीं कर सकता


Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।