सत्यार्थ प्रकाश क्यों पढ़े?

सत्यार्थ प्रकाश क्यों पढ़े?                                       
ईश्वर के सच्चे स्वरूप को जानने के लिए।
सन्तानों को सुशिक्षित करने के लिए।
अन्धविश्वास और पाखण्डी को चुनौती देने केलिए।
वैदिक धर्म की पुनः स्थापना के लिए।
गुणकर्मानुसार वर्णव्यथस्था को स्थापना के लिए।
गृहस्थाश्रम के नियमों को समझने के लिए।
आश्रम व्यवस्था को सभझने के लिए।
राजधर्म को जानने के लिए।
ईश्वर को स्तुति-प्रार्थना-उपासना की उचित विधि को जानने के
लिए।
ईश्वर जीव और प्राकृति के भेद को समझने के लिए।
जगत् की उत्पत्ति-स्थिति-प्रलय को समझने के लिए।
बन्धन और मोक्ष विषय को जानने के लिए।
धर्म और सत्य स्वरूप को जानने के लिए।
भारतवर्ष तथा देशान्तर मे फैले मत-मतान्तरों में सत्यासत्य का
निर्णय जानने के लिए।
भारतीय संस्कृति को समझने के लिए।
युवकों में बढ़ती नास्तिकता को रोकने के लिए।
धार्मिक, आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक क्रान्ति के लिए।
विश्व में एक ही मानवधर्म को विस्तृत करने के लिए।
वैचारिक क्रान्ति के लिए।
इस्लामिकरण व ईसाईकरण से बचाये।


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