सहनशक्ति

       जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए एक विशेष गुण है सहनशक्ति। यह बहुत आवश्यक गुण है। आजकल लोगों में सहनशक्ति कम होती जा रही है। परंतु सत्य  तो सत्य ही है, उसे छोड़कर सुखपूर्वक जीवन नहीं जिया जा सकता। जैसे भूख मिटाने के लिए भोजन तो खाना ही पड़ेगा। और भोजन खाने के लिए रसोईघर में जाकर परिश्रम करना ही पड़ेगा। इसमें कोई छुटकारा नहीं है। इसी तरह से, जीवन को सुखी बनाने के लिए,  जीवन के सभी क्षेत्रों में जो जो नियम लागू होते हैं, वे तो होंगे ही। उनका पालन किए बिना आपका जीवन सुखमय नहीं हो पाएगा। तो सहनशक्ति भी एक ऐसा ही गुण है, जिससे आपका जीवन ठीक प्रकार से आप जी सकते हैं। 


     जीवन में सुख भी आएगा, दुख भी आएगा। जीवन को ठीक प्रकार से जीने के लिए, उन दुखों को सहन करना ही होगा। इसलिए दुखों से घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें सहन करने की तैयारी रखें। ऐसी तैयारी करने से जब दुख आएंगे, तो उन्हें सहना आसान होगा। अब बाहर के लोग यदि आपको परेशान करते हैं, तो आपको अधिक दुख नहीं होता। क्योंकि आप बाहर के लोगों से उतनी आशा नहीं रखते। लेकिन जो अपने ही घर के सदस्य, मित्र या रिश्तेदार होते हैं, उन लोगों से आप अन्यों की तुलना में अधिक आशा रखते हैं, कि जो हमारे अपने हैं, हमें वर्षों से जानते हैं, पहचानते हैं, कम से कम वे तो हमें दुख नहीं देंगे। परंतु ऐसी आशा भी अनेक बार निराशा में बदल जाती है। और जब अपनों में से कोई दुख देता है, तो उसे सहना बहुत कठिन पड़ता है। परंतु यह भी जीवन की एक सच्चाई है। इससे भी आप मुख मोड़ नहीं सकते। जो सत्य है उसे स्वीकार करना ही पड़ता है।


      तो बाहर के लोग दुख देवें, या कोई अन्य भौतिक कठिनाइयां आवें, उनको सहना फिर भी आसान होता है। वे तो सब सहनी ही होंगी। उसके साथ साथ यह भी तैयारी रखें कि जब कोई अपना भी आपको दुख देगा, तब भी आप नहीं घबराएंगे, और मजबूती से, ईश्वर की सहायता से आप उस दुख का सामना करेंगे। अपनी मानसिक बौद्धिक  स्थिति को बिगड़ने नहीं देंगे। तथा शांति पूर्वक उस समस्या का समाधान करेंगे। 



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