ऋषि दयानद

अद्भुत क्रांतिकारी थे ऋषि दयानंद जी !
धर्म वेदव्रत धारी थे  ऋषि  दयानंद  जी।।                                                               


महात्मा सदाचारी थे  ऋषि दयानंद  जी ।
उत्कृष्ट ब्रह्मचारी  थे  ऋषि  दयानंद  जी।।


वसुधा कुटुंब के नारे थे  ऋषि दयानंद जी।
विश्वभर के प्यारे थे महर्षि दयानंद जी।।


भारत मां के दुलारे थे ऋषि दयानंद जी ।
अज्ञान अविद्या मारे थे ऋषि दयानंद जी ।।


दीनो के दुख टारे थे ऋषि दयानंद जी।
वैदिक सत्य स्वीकारे थे ऋषि दयानंद जी।।


एक ब्रह्म  पुकारे थे  ऋषि दयानंद जी।
निरंकार  उचारे  थे  ऋषि दयानंद  जी।।


भेदभाव बिसारे थे ऋषि दयानंद  जी।
पाखंडो को मारे थे  ऋषि दयानंद जी।।


अखिल शास्त्र विचारे थे ऋषि दयानंद जी।
वेद जिनको प्यारे थे ऋषि दयानंद जी ।।


सत्य सनातन धारे थे  ऋषि दयानंद जी।
ऋषि आदर्श हमारे थे ऋषि दयानंद  जी ।।


गुजराती टंकारे थे  ऋषि  दयानंद जी।
सबकी आंख के तारे थे  ऋषि दयानंद जी। 


कुरीतिऑ बुहारे थे  ऋषि दयानंद जी।
अधर्मियो को आरे थे ऋषि दयानंद जी।


समाज को संवारे थे  ऋषि दयानंद  जी।
भारत  को उद्धारे थे  ऋषि दयानंद जी।।


सबके वह  उपकारे थे  ऋषि दयानंद जी।
गौओ के हितकारे थे  ऋषि दयानंद  जी।।


शान्ति सद्व्यवहारे थे  ऋषि दयानंद  जी ।
मुक्ति पद पधारे थे  ऋषि दयानंद  जी।।
 🚩आचार्य विनय लता🚩


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