मानसिक स्वस्थ

समाचार पत्र में जितने भी समाचार विज्ञापन आदि छपते हैं, क्या आप उन सब को आरंभ से अंत तक पढ़ते हैं? नहीं पढ़ते। शायद कोई व्यक्ति भी पूरा समाचारपत्र नहीं पढ़ता होगा। क्योंकि उस समाचार पत्र में सब प्रकार की बातें होती है। और एक व्यक्ति की सब क्षेत्रों में रुचि नहीं होती। इसलिए समाचारपत्र पढ़ने वाले प्रायः सभी लोग समाचार पत्र को देखते तो हैं, परंतु पूरा नहीं पढ़ते।
 वे लोग यह देखते हैं कि इस समाचारपत्र में कौन सी चीज मेरे काम की है, जिसमें मुझे रूचि है, और जिसको पढ़ने से मुझे लाभ होगा। इसलिए अपने काम की चीजें हर व्यक्ति समाचार पत्र में से पढ़ लेता है। बाकी बातों पर ध्यान नहीं देता, छोड़ देता है। 
ऐसे ही facebook पर बहुत सी बातें लिखी रहती हैं, पर आप सारी बातें नहीं पढ़ते। whatsapp पर भी बहुत से मैसेज आते हैं, पर आप सारे नहीं पढ़ते। जिनमें रुचि होती है उनको पढ़ते हैं, जिनमें रुचि नहीं होती, उनको छोड़ देते हैं।
 तो जीवन में भी ऐसा ही करना चाहिए। हम और आप अपने जीवन में शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहना चाहते हैं और मानसिक रूप से भी प्रसन्न रहना चाहते हैं। तो यहाँ पर भी यही नियम लागू होगा। अर्थात शारीरिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपको सभी बातों पर ध्यान देना होगा, जैसे कि रात्रि को समय पर सोना, सुबह समय पर जागना, व्यायाम  करना, हवन यज्ञ करना, संयम से भोजन खाना, शाकाहारी भोजन खाना, ब्रह्मचर्य का पालन करना इत्यादि। तथा मानसिक प्रसन्नता के लिए आपको उत्तम कर्म तथा दूसरों के अच्छे व्यवहार पर तो ध्यान देना होगा, परंतु दूसरों के दुर्व्यवहारों या दोषों से आपको उपेक्षा करनी पड़ेगी। उनकी व्यर्थ की बातों पर बिल्कुल भी ध्यान न देवें। उनके द्वारा लगाए जाने वाले झूठे आरोपों की जरा भी चिंता न करें। इससे आपका मानसिक स्तर ठीक बना रहेगा।
यदि आप इतना कर लेंगे, तो आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रह सकेंगे, तथा जीवन का आनंद ले सकेंगे - स्वामी विवेकानंद परिव्राजक


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