वात प्रकृति वाले लोगों को क्या नहीं खाना चाहिए


👨🏻‍🦱👉🏿वात प्रकृति वाले लोगों को क्या नहीं खाना चाहिए👈🏿👩🏻


 


👩🏻👉🏿अगर आप वात प्रकृति के हैं तो निम्नलिखित चीजों के सेवन से परहेज करें।


 


👩🏻👉🏿साबुत अनाज जैसे कि बाजरा, जौ, मक्का, ब्राउन राइस आदि के सेवन से परहेज करें।किसी भी तरह की गोभी जैसे कि पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली आदि से परहेज करें।जाड़ों के दिनों में ठंडे पेय पदार्थों जैसे कि कोल्ड कॉफ़ी, ब्लैक टी, ग्रीन टी, फलों के जूस आदि ना पियें।नाशपाती, कच्चे केले आदि का सेवन ना करें। 


🌺👉🏿जीवनशैली में बदलाव➖👇🏾


🌹1⃣👉🏿 जिन लोगों का वात अक्सर असंतुलित रहता है उन्हें अपने जीवनशैली में ये बदलाव लाने चाहिए।


🌹2⃣👉🏿 एक निश्चित दिनचर्या बनाएं और उसका पालन करें।रोजाना कुछ देर धूप में टहलें और आराम भी करें।किसी शांत जगह पर जाकर रोजाना ध्यान करें।गर्म पानी से और वात को कम करने वाली औषधियों के काढ़े से नहायें। औषधियों से तैयार काढ़े को टब में डालें और उसमें कुछ देर तक बैठे रहें।गुनगुने तेल से नियमित मसाज करें, मसाज के लिए तिल का तेल, बादाम का तेल और जैतून के तेल का इस्तेमाल करें।मजबूती प्रदान करने वाले व्यायामों को रोजाना की दिनचर्या में ज़रूर शामिल करें। 


👩🏻👉🏿वात में कमी के लक्षण और उपचार👈🏿 वात में बढ़ोतरी होने की ही तरह वात में कमी होना भी एक समस्या है और इसकी वजह से भी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। आइये पहले वात में कमी के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं।


👉🏿वात में कमी के लक्षण➖👇🏾


🌹1⃣👉🏿 बोलने में दिक्कत 
🌹2⃣👉🏿 अंगों में ढीलापन
🌹3⃣👉🏿 सोचने समझने की क्षमता और याददाश्त में कमी
🌹4⃣👉🏿 वात के स्वाभाविक कार्यों में कमी
🌹5⃣👉🏿 पाचन में कमजोरी
🌹6⃣👉🏿जी मिचलाना


🌺👉🏿उपचार👈🏿 


🌹1⃣👉🏿 वात की कमी होने पर वात को बढ़ाने वाले आहार का सेवन करना चाहिए। कडवे, तीखे, हल्के एवं ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें। इनके सेवन से वात जल्दी बढ़ता है। इसके अलावा वात बढ़ने पर जिन चीजों के सेवन की मनाही होती है उन्हें खाने से वात की कमी को दूर किया जा सकता है। 


🌹2⃣👉🏿साम और निराम वात👈🏿 हम जो भी खाना खाते हैं उसका कुछ भाग ठीक से पाच नहीं पता है और वह हिस्सा मल के रुप में बाहर निकलने की बजाय शरीर में ही पड़ा रहता है। भोजन के इस अधपके अंश को आयुर्वेद में “आम रस’ या ‘आम दोष’ कहा गया है।


🌹3⃣👉🏿 जब वात शरीर में आम रस के साथ मिल जाता है तो उसे साम वात कहते हैं। साम वात होने पर निम्नलिखित लक्षण नजर आते हैं।


🌹1⃣👉🏿 मल-मूत्र और गैस बाहर निकालने में दिक्कत
🌹2⃣👉🏿 पाचन शक्ति में कमी
🌹3⃣👉🏿 हमेशा सुस्ती या आलस महसूस होना
🌹4⃣👉🏿 आंत में गुडगुडाहट की आवाज
🌹5⃣👉🏿 कमर दर्द


🌹4⃣👉🏿 यदि साम वात का इलाज ठीक समय पर नहीं किया गया तो आगे चलकर यह पूरे शरीर में फ़ैल जाता है और कई बीमारियों होने लगती हैं।


🌹5⃣👉🏿 जब वात, आम रस युक्त नहीं होता है तो यह निराम वात कहलाता है। निराम वात के प्रमुख लक्षण त्वचा में रूखापन, मुंह जीभ का सूखना आदि है. इसके लिए तैलीय खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें।


🌹6⃣👉🏿 अगर आप वात प्रकृति के हैं और अक्सर वात के असंतुलित होने से परेशान रहते हैं तो ऊपर बताए गए नियमों का पालन करें। यदि समस्या ठीक ना हो रही हो या गंभीर हो तो किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।


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