निराशा से आशा  

 पंचगव्य आयुर्वेद- निराशा से आशा  
 ( डॉ॰ सुनील आर्य)
    
    चारो ओर से निराश ह्रदय रोगियों, यकृत रोगियों, मस्तिष्क रोगियों, अस्थमा रोगियों, किसी भी प्रकार के त्वचा रोगियों, मधुमेह, माइग्रेन, सरवाइकल, जोडों के दर्द , महिला एवं पुरुषों के समस्त गुप्त रोगों एवं पेन्क्रियाटाइटिस जैसे अनेकों असाध्य रोगों का स्थायी, सरल और बहुत सस्ता उपचार पंचगव्य चिकित्सा प्रणाली से किया जाता है।


 हम कोटिश: धन्यवाद करते हैं मेरु रैबार चैनल को , जिन्होंने इस भारतीय परम्परागत चिकित्सा प्रणाली को जन जन तक पहुंचाने का जो भागीरथ संकल्प लिया है, उससे हजारो नहीं लाखों  मरीजों के परिवारों की दुआएं उन्हे मिलेंगी।  
   आज छोटी छोटी बीमारियों को बहुत बडा बनाकर मेरे देश के लोगों के लाखो रुपये इलाज के नाम पर खर्च हो जाते हैं।
       इलाज कराते कराते लोगों के घर बार, जमीन जायदाद और कुछ की तो सारे जीवन की कमाई ही ये हास्पिटल लूट लेते हैं। और तब भी इलाज के नाम पर मिलते हैं तो केवल 
"साइड-इफेक्ट्स".....
    
      आज पूरे देश मे परम्परागत पंचगव्य चिकित्सा प्रणाली से मै और मेरे जैसे हजारों चिकित्सक इस राष्ट्र के लोगों का स्वास्थ्य और धन ,दोनो बचाने के कार्य मे निरन्तर प्रयासरत है।
 और परमेश्वर की कृपा व अपनी भारतीय गौमाता की अनुकम्पा से लाखों असाध्य रोगी आज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।


  मै आप सभी भारतीयों से निवेदन करता हूँ कि आपके आसपास भी यदि कोई रोगी हो तो उसकी मदद करें, उसे रास्ता दिखाएं कि यदि बीमारी को जड से मिटाना है तो पंचगव्य आयुर्वेद ही उसका स्थायी समाधान है।
  हमारे यहाँ रोगों की पहचान के लिए कोई *पैथोलोजी टेस्ट" नही कराए जाते, बल्कि अपनी सनातन "अष्टविधि" रोग- परीक्षण व अन्य एक्युप्रेशर विधियों से रोग के मूल तक पहुंचा जाता है। जिससे "टेस्टों" के ऊपर खर्च होने वाले हजारों रूपये बचा दिए जाते है और रोग के कारण का ठीक ठीक पता लगाकर उसका उपचार लगभग उतने ही खर्च मे हो जाता है जितना की एलोपैथिक चिकित्सक 'टेस्टो' पर खर्च करा देता है। 


  आपका शुभेच्छु,
डॉ॰ सुनील आर्य 


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