हम अपने जीवन में कठिनाइयों से कैसे पार हो?  

हम अपने जीवन में कठिनाइयों से कैसे पार हो?  मनुष्य को हम कैसे पहचाने ? मनुष्य को पहचान करके ही हम कठिनाइयों से पार हो सकते हैं ।उस परमपिता परमेश्वर को हम सभी फल, सभी कर्म को समर्पित कर देते हैं तो हम सभी कठिनाइयों को पार हो जाते हैं ।
एक बार राजा अपने गुरू के पास में गए और कहने लगे कि हे प्रभु हे गुरुवर मैं बहुत परेशान हो चुका हूं अब यह राज छोड़ना चाहता हूं और परमात्मा की भक्ति करना चाहता हूं 


     मैं अब आप को अपना जीवन समर्पित कर रहा हूं । इस प्रकार से जब गुरु ने तो कहा कि ठीक है ,तू अपना राज - अपना जीवन समर्पित कर दो, अर्पित कर दो ।


    उसके बाद में गुरु ने राजा से कहा अब तुम ने मुझे सब कुछ समर्पित कर दिया है इसलिए जो मैं कहूंगा वह करना है । अब तुम इस प्रकार से सारे कर्म और कर्मों के फल मुझे समर्पित कर दोगे तो तुम्हें किसी प्रकार का दुख नहीं होगा ।  राजा ने कहा अब क्या अंतर पड़ेगा पहले भी मैं राज कर्म करता था तो फिर उन्होंने(गुरु ने )कहा देखो अब जो भी कर्म करोगे तो तुम यह मानोगे कि इसका जो फल जो भी अच्छा या बुरा प्राप्त होगा तुम्हें नहीं होगा, इससे तुम निश्चिंतापूर्वक इस राजकाज को करते हुए भी परमात्मा की भक्ति कर सकते हो।
     इसी प्रकार से हम सभी कर्म निष्काम भाव से करते हैं ,उस परमात्मा को समर्पित कर देते हैं तो सारी सभी कठिनाई दूर हो जाती हैं।
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https://youtu.be/J_E7epi0Sp8


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