गौ माता की वंदना

गौ माता की वंदना


गौ माता, तू है पुष्टि की दाता, तुझसे ही जग सुख पाता, तुझ पर बहु कृपा विधाता,
तू ही हम सब जन की प्रिय सारथी।
हो मैया हम सब उतारें तेरी आरती।।
तू ही कपिला तू ही नन्दिनी,
कामधेनु तेरे नाम।
तू ही सुरभि जगत वन्दिनी,
करुणाकर तव काम।
तू ही अमृत की दाता
माता,
पालक बन्धु जग भ्राता माता,
तेरे ही गुण गावें भारती।।
हो मैया हम सब---
अदिति अघ्न्या कह कर तुझको,
यजुर्वेद ने पुकारा।
सारे विश्व की माता कह कर,
प्रभु ने स्वयं उचारा।
ऋषियों मुनियों ने महिमा गाई,
तुझसे गोपाल कन्हाई।
सबके जीवन को तू  विस्तारती।
हो मैया हम सब-------
तेरा दुग्ध बड़ा गुणकर,
निश्छल बल भरने वाला।
तेरा घृत भी स्निग्ध सौम्य,
यज्यों को भरने वाला।
दूर होवें बीमारी सारी,
सुरभित हर घर और क्यारी।
मीठी बदली बन धरती संवारती।।
हो मैया हम सब-----
कट रहीं गौवें आज देश में,
बनकर कृष्ण बचावैं।
गौकरुणानिधि पढ़ें पढावें,
दयानंद गुण गावें।
कटने देंगे न अपनी माँ को,
मिटने देंगे न छां को।
जिसकी छाया में विमल सुखार्थी।।
हो मैया हम सब-----
-आचार्या विमलेश बंसल आर्या


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