सुरक्षा पथ्य सेवन में (सलामती परहेज में है)

सुरक्षा पथ्य सेवन में (सलामती परहेज में है)



      जैसे बीमारी के बाद मनुष्य स्वस्थता पकड़ता है, तो उसे अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। ऐसे ही जब दोषी मनुष्य सुधरता है तो उसे भी अधिक सावधानी की आवश्यकता रहती है। बीमारी से उठा मनुष्य यदि सावधानी न करे तो फिर ऐसा बीमार होता है कि स्वस्थ होना कठिन हो जाता है । नया सुधरा भी यदि सावधान न रहे तो फिर गिरने पर उसके उठने में लज्जा ही काफी बाधक रहेगी।


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