शिक्षक की राष्ट्र विकास मे अद्भुत भूमिका



शिक्षक की राष्ट्र विकास मे अद्भुत भूमिका



       संसार मे अनेक व्यक्तियों मे से दो व्यक्तियों को उच्च और श्रेष्ठ मानता है क्योंकी किसी भी राष्ट्र की उन्नति और उच्च सभ्यता का मूलाधार ये दो व्यक्ति ही होते है | एक किसान और दूसरा शिक्षक, आचार्य, गुरु आदि | जिसमे कृषि क्षेत्र का आधार तो धरती, हवा, पाणी इत्यादि है | और शिक्षा क्षेत्र का आधार है आचार और विचार | एक सफल शिक्षक वहि माना जाता है जिसे अपने विषय का पूर्ण ज्ञान हो, पढाने की लग्न हो और सभी से प्रेम हो | आज शिक्षण क्षेत्र इतना भ्रष्ठ हो चूका है की योग्य शिक्षक मिलना दुर्लभ हो चूका है |पहले बालको की योग्यता पर शिक्षा दि जाति थी इसका प्रमाण है हमारी गुरुकुलो मे पहले बालक और बालिकाओ का उपनयन संस्कार किया जाता था परन्तु आज शिक्षण क्षेत्र इतना भ्रष्ठ हो चूका है की पहले यह देखा जाता है की कौन कितना डोनेशन दे सकता है | डोनेशन, टुयशं, कोचिंग क्लास, शिक्षक बनने के लिए रिश्वत आदि ये बाते इस बात का प्रमाण है की शिक्षक क्षेत्र बहोत हद तक भ्रष्ठ हो चूका है | इसके करण कुछ भी रहे हो परन्तु इसका परिणाम ये हुआ की हर क्षेत्र, हर पेशे मे रिश्वतखोरी की बाढ़ आई हुयी है | छोटे से छोटे पद से लेकर बड़े से बड़े पद तक ज्यादातर व्यक्तियों को भिखारी वृतियो से ग्रस्त हो चूका है | सड़क का भिखारी किसे परेशान नहीं करता देना है तो दो अन्यथा न दे और वह तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ता | परन्तु ये भिखारी तो ऐसे भिखारी है जिन्होंने हमारा जिना मुश्किल कर रखा है |मै इस बात को यही विराम देकर बस इतना कहूँगा की शिक्षा क्षेत्र से जुडा व्यक्ति प्रमाणिकता से सोचे की वह बच्चो को कैसे पढाये, जिससे की बच्चो को भ्रष्ठता छूने भी ना पावे |


      हज़ार डॉक्टर, हज़ार वकील जितना संसार का उपकार कर सकते है | उससे कई गुना ज्यादा उपकार मात्र एक शिक्षक कर सकता है | डॉक्टर जीवनदान देता है परन्तु शिक्षक जीवन का निर्माण करता है | लाखो बच्चो को चाहे तो देश का एक योग्य नागरिक बना कर देश की सेवा कर सकता है | अगर वह व्रत धारण कर तो नहीं तो एक रुपये कमाने की मशीन बन कर रह जाता है | आज कल के ये काचिंग क्लास उसी के नमूने है | किताबो की पढाई किताबो की पढाई और अपनी आमदनी इससे ज्यादा उन्हें और कुछ लेना देना नहीं |चाहे बच्चा पास होकर भ्रष्ठाचारी बने या रिश्वतखोर बने | एक शिक्षक की सफलता तब है जब उसका विद्यार्थी हर परीक्षा पास कर सुरक्षित देश का भविष्य बने, आदर्श मनुष्य बने |



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