समता

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      प्रश्न--एक साधक ने कहा 'मैं आसन भी लगा बैठता हूं-फिर भी जप में नीन्द आजाती है ?


      उत्तर-आसन तो ठीक लग जाता होगा पर शरीर सम अवस्था में नहीं रहता तब मेरुदण्ड ढीला हो जाता है । तब मनकों के झुकाव से ऊंघ आकर सिर झुका देती है। सीधे सम रहने और सही आसन लगते रहने पर चित्त एक सम-संयम में रहता है । और ढीला हो जाने पर प्राण प्रभावित हो जाता है और फिर उससे झुक जाता है।


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