जीवन में सब प्रकार के लोग मिलते हैं

जीवन में सब प्रकार के लोग मिलते हैं


             जीवन में सब प्रकार के लोग मिलते हैं, अच्छे भी, और बुरे भी। यदि आप सुरक्षित रूप से अपना जीवन जीना चाहते हैं, तो उनकी परीक्षा करना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति की परीक्षा करें। प्रत्यक्ष अनुमान आदि प्रमाणों की सहायता से परीक्षा करें। परंतु परीक्षा हो जाने पर जब विश्वास हो जाए, कि  यह व्यक्ति ठीक है, इसका मन वाणी और शरीर का आचरण एकरूप है, यह सत्यवादी ईमानदार और न्यायप्रिय है। इतना परीक्षण हो जाने पर फिर बार-बार उस पर संशय करना, बार-बार शंका करना उचित नहीं है। फिर तो उनके गुणों को समझने में शक्ति लगाएं।
            यदि आप उसके गुणों को समझने की कोशिश करेंगे, तो उससे बहुत अधिक लाभ उठा पाएंगे। यदि उस परीक्षित व्यक्ति पर आपका संशय सदा ही बना रहेगा, तो आपकी उस पर श्रद्धा नहीं बन पाएगी। बिना श्रद्धा के, कोई व्यक्ति किसी से लाभ नहीं ले पाता। इसलिए यदि आप बुद्धिमान गुणवान लोगों से कुछ लाभ लेना चाहते हों, तो पहले उनकी परीक्षा अवश्य करें। उनका परिक्षण हो जाने के बाद फिर संशय न करें। उन पर  श्रद्धा रखकर उनके गुणों से लाभ उठाएँ।
            जो लोग आपकी परीक्षा में पास नहीं हो पाए, अर्थात आपने प्रमाणों से परीक्षा कर ली, तब भी उनमें गुण बहुत कम और दोष ही  अधिक सिद्ध हुए, तो ऐसे लोगों से दूर रहें। उनसे संबंध न रखें। 
ऐसा करने से आप सुरक्षित रहेंगे। बुद्धिमान लोगों से लाभ उठा पाएंगे, तथा दुष्टों से होने वाली हानियों से बच पाएंगे।


- स्वामी विवेकानंद परिव्राजक


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