जल से शुद्धि

जल से शुद्धि



      (१) बाहर की वस्तुएं या कपड़े, मैल या जूठन जल से शुद्ध की जाती है। तो अन्दर की (अन्तःकरण की) मैल भी आंखों के आंसुओं (जल) से शुद्ध होगी। जो व्याकुलता की रगड़ से धारा इस पर बहेगी--तो मैल धुल जावेगी। 


Popular posts from this blog

वैदिक धर्म की विशेषताएं 

ब्रह्मचर्य और दिनचर्या

अंधविश्वास : किसी भी जीव की हत्या करना पाप है, किन्तु मक्खी, मच्छर, कीड़े मकोड़े को मारने में कोई पाप नही होता ।